लेखकों के लिए पत्रिका
अध्याय 1: शिल्प और अभ्यास
पहले वाक्य से तैयार पांडुलिपि तक: औज़ार, आदतें और वह रूप जिसमें पाठ प्रकाशक की मेज़ तक पहुँचता है।
6 लेख
- लेखकों के लिए राइटिंग सॉफ़्टवेयर: अपनी किताब के लिए सही टूल कैसे चुनेंउपन्यास एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसके साथ आप महीनों या बरसों रहते हैं। किताब जितने बड़े प्रोजेक्ट के लिए सॉफ़्टवेयर को क्या करना चाहिए, जाने-पहचाने टूल आपस में कैसे तुलना करते हैं, और हिन्दी में लिखते समय यूनिकोड क्यों ज़रूरी है — यह सब इस लेख में।7 मिनट का पाठ
- अपनी पहली किताब कैसे लिखें: विचार से पूरे पहले ड्राफ़्ट तकज़्यादातर पहले उपन्यास प्रतिभा की कमी से नहीं रुकते, वे आधे रास्ते में ठहर जाते हैं। ये वे सिद्धांत हैं जो आपको पहली चिंगारी से पूरे पहले ड्राफ़्ट तक ले जाते हैं, और यह भी कि चमकाने से ज़्यादा ज़रूरी पूरा करना क्यों है।7 मिनट का पाठ
- पांडुलिपि का फ़ॉर्मेट: अपने उपन्यास को कैसे सजाएँ और उसकी लंबाई कैसे मापेंप्रकाशक और संपादक पांडुलिपि को एक साफ़, जाने-पहचाने रूप में देखना चाहते हैं। हिन्दी पांडुलिपि के लिए यूनिकोड, फ़ॉन्ट, पंक्ति-अंतराल और शब्द-गणना कैसी हो, अंग्रेज़ी का मानक फ़ॉर्मेट क्या है, और कौन-सी ग़लतियाँ पांडुलिपि को नौसिखिया दिखाती हैं।5 मिनट का पाठ

- पांडुलिपि क्या है? अर्थ, चरण और प्रकाशक को भेजी जाने वाली प्रतिपहले ड्राफ़्ट से प्रूफ़ तक आपकी किताब पांडुलिपि कहलाती है, पर वह हमेशा एक ही चीज़ नहीं होती। शब्द का अर्थ क्या है, पांडुलिपि किन चरणों से गुज़रती है, और प्रकाशक को भेजी जाने वाली प्रति कैसी दिखनी चाहिए।6 मिनट का पाठ
- बच्चों की किताब कैसे लिखें: आयु-वर्ग, शब्द-संख्या और चित्रांकनबच्चों की किताबें छोटी होती हैं, पर आसान नहीं। कौन-से रूप किस उम्र के लिए हैं, प्रकाशक कितने शब्दों की अपेक्षा रखते हैं, पाठ और चित्र साथ कैसे काम करते हैं, और भेजने से पहले क्या जानना चाहिए।6 मिनट का पाठ
- फ़ैनफ़िक्शन कैसे लिखें: शिल्प, समुदाय और मौलिक लेखन की ओर क़दमबहुत-से लेखकों की शुरुआत फ़ैनफ़िक्शन से होती है, और यह सचमुच अच्छा अभ्यास-क्षेत्र है। शिल्प क्या माँगता है, फ़ैन समुदाय कैसे काम करते हैं, कॉपीराइट के बारे में क्या जानें, और एक फ़ैन कहानी मौलिक उपन्यास कैसे बन सकती है।6 मिनट का पाठ
पांडुलिपि का फ़ॉर्मेट: अपने उपन्यास को कैसे सजाएँ और उसकी लंबाई कैसे मापें
प्रकाशक और संपादक पांडुलिपि को एक साफ़, जाने-पहचाने रूप में देखना चाहते हैं। हिन्दी पांडुलिपि के लिए यूनिकोड, फ़ॉन्ट, पंक्ति-अंतराल और शब्द-गणना कैसी हो, अंग्रेज़ी का मानक फ़ॉर्मेट क्या है, और कौन-सी ग़लतियाँ पांडुलिपि को नौसिखिया दिखाती हैं।
5 मिनट का पाठ · 23 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया

जब आप किसी प्रकाशक को पांडुलिपि या प्रस्ताव भेजते हैं, तो कोई एक वाक्य पढ़े उससे पहले ही उसे परखा जाता है: उसकी लंबाई से, और इससे कि वह पन्ने पर कैसी दिखती है। अंग्रेज़ी प्रकाशन जगत एक साझा परिपाटी पर चलता है, मानक पांडुलिपि फ़ॉर्मेट (standard manuscript format), और लंबाई एक ही इकाई में मापता है: शब्द-गणना। हिन्दी में इतना कड़ा मानक नहीं है, पर प्रकाशकों की अपेक्षाएँ साफ़ हैं, और वे उसी तर्क पर टिकी हैं।
पृष्ठ नहीं, शब्द क्यों गिने जाते हैं
पृष्ठ-संख्या फ़ॉन्ट, हाशियों, पंक्ति-अंतराल और ट्रिम साइज़ पर निर्भर करती है। एक ही उपन्यास एक लेआउट में 280 पृष्ठ भरता है और दूसरे में 400। शब्द फ़ॉर्मेटिंग चाहे जो हो, वही रहते हैं, इसलिए यही वह संख्या है जिसकी तुलना हर कोई कर सकता है। देवनागरी में शब्द-गणना भी ठीक काम करती है, क्योंकि हिन्दी शब्दों के बीच स्पेस रहती है।
पांडुलिपि का फ़ॉर्मेट कैसा दिखता है
कोई एक आधिकारिक टेम्पलेट नहीं है, और हर प्रकाशक अपने दिशानिर्देशों में छोटे-मोटे बदलाव माँग सकता है। नीचे की सेटिंग्स आम आधार हैं। हिन्दी कॉलम उन माँगों पर टिका है जो राजकमल प्रकाशन और हिंद युग्म जैसे प्रकाशक अपनी वेबसाइटों पर रखते हैं (MS Word, यूनिकोड, जैसे Mangal फ़ॉन्ट); बाक़ी बातें अंग्रेज़ी मानक से ली गई हैं और हिन्दी में भी पढ़ने और संपादित करने में सबसे आसान हैं।
| तत्व | हिन्दी पांडुलिपि | अंग्रेज़ी मानक |
|---|---|---|
| फ़ाइल | MS Word (.docx), पाठ यूनिकोड में | .docx |
| पृष्ठ | A4, खड़ा | US Letter या A4, खड़ा |
| फ़ॉन्ट | साफ़ यूनिकोड देवनागरी फ़ॉन्ट, जैसे Mangal, Kokila या Nirmala UI; Kruti Dev जैसे पुराने फ़ॉन्ट नहीं | Times New Roman जैसा साफ़ सेरिफ़, 12 pt (Courier भी स्वीकार्य) |
| पंक्ति-अंतराल | डेढ़ या दोहरा; मात्राओं को साँस लेने की जगह चाहिए | दोहरा |
| हाशिये | चारों ओर लगभग 2.5 सेमी | चारों ओर 1 इंच (2.5 सेमी) |
| अनुच्छेद | पहली पंक्ति में इंडेंट, अनुच्छेदों के बीच अतिरिक्त जगह नहीं | पहली पंक्ति में लगभग आधे इंच का इंडेंट |
| संरेखण | बाईं ओर, दायाँ किनारा असमान | बाईं ओर, दायाँ किनारा असमान, बिना हाइफ़नेशन |
| हेडर | उपनाम / शीर्षक / पृष्ठ संख्या | Surname / TITLE / page number |
| दृश्य-विभाजक | बीच में एक # | बीच में एक # |
पहले पृष्ठ पर आमतौर पर ऊपर बाईं ओर आपका नाम और संपर्क विवरण, और ऊपर दाईं ओर अनुमानित शब्द-गणना होती है। शीर्षक पृष्ठ के लगभग एक-तिहाई नीचे आता है, और उसके नीचे अध्याय शुरू होता है।
अपनी लंबाई गिनना
अपने लेखन सॉफ़्टवेयर की शब्द-गणना लें और परिचय-पत्र के लिए उसे निकटतम हज़ार तक पूर्णांकित करें। कोई सटीक संख्या की अपेक्षा नहीं रखता; “लगभग 92,000 शब्द” ठीक वही है जो प्रकाशक देखना चाहता है।
सामान्य सीमाएँ श्रेणी के अनुसार बदलती हैं। अंग्रेज़ी बाज़ार में वयस्कों के कई उपन्यास 70,000 से 1,00,000 शब्दों के बीच आते हैं; फ़ैंटेसी और विज्ञान कथा लंबी, बच्चों की किताबें कहीं छोटी। हिन्दी के लिए ऐसी कोई प्रकाशित तालिका नहीं है; अपने लक्षित प्रकाशक की हाल की तुलनीय किताबें देखें और उनकी लंबाई से अपना अनुमान लगाएँ।
फ़ॉर्मेट कब मायने रखता है
- प्रस्ताव और पूरी पांडुलिपि की माँग: प्रकाशकों के संपादक हर हफ़्ते सैकड़ों पृष्ठ पढ़ते हैं। जाना-पहचाना फ़ॉर्मेट उन्हें आपके लेखन पर ध्यान देने देता है।
- प्रतियोगिताएँ और फ़ेलोशिप: नियम अक्सर शब्द-सीमा और फ़ॉर्मेटिंग तय करते हैं।
- संपादक और प्रूफ़रीडर: फ़्रीलांस दरें अक्सर प्रति शब्द या प्रति पृष्ठ तय होती हैं, और मानक लेआउट पर संपादक सबसे तेज़ काम करते हैं।
ड्राफ़्ट लिखते समय फ़ॉर्मेट बिल्कुल मायने नहीं रखता। जिस दृश्य में आप सबसे अच्छा सोच पाते हैं, उसमें लिखें, और भेजने के लिए तैयार होने पर फ़ॉर्मेट करें।
ग़लतियाँ जो पांडुलिपि को नौसिखिया दिखाती हैं
- गैर-यूनिकोड फ़ॉन्ट। Kruti Dev में टाइप किया पाठ प्रकाशक के कंप्यूटर पर बेमानी अक्षरों में बदल सकता है, और कई प्रकाशक उसे स्वीकार ही नहीं करते।
- पूर्ण विराम की जगह पाइप या बिंदु। हिन्दी वाक्य पूर्ण विराम (।) पर ख़त्म होता है, सीधी रेखा (|) या अंग्रेज़ी बिंदु (.) पर नहीं, और उससे पहले कोई स्पेस नहीं आती।
- शब्दों की जगह पृष्ठ बताना। इससे लगता है कि आप नहीं जानते कि लंबाई कैसे मापी जाती है।
- सजावटी फ़ॉन्ट या रंग। पन्ने पर आपकी आवाज़ बोलनी चाहिए, टाइपफ़ेस नहीं।
- जस्टिफ़ाइड पाठ। पांडुलिपि टाइपसेट की हुई किताब नहीं है; असमान दायाँ किनारा पढ़ने और संपादित करने में आसान है।
- हर अनुच्छेद के बीच ख़ाली पंक्ति। इसके बजाय अनुच्छेदों में इंडेंट दें और ख़ाली पंक्तियाँ दृश्य-विभाजकों के लिए रखें।
- विराम के बाद दो स्पेस। टाइपराइटर के ज़माने की आदत, जिसे आज के संपादक हटा देते हैं।
भेजने से पहले
- पूरा पाठ यूनिकोड में, एक साफ़ देवनागरी फ़ॉन्ट में
- शब्द-गणना निकटतम हज़ार तक पूर्णांकित
- डेढ़ या दोहरा पंक्ति-अंतराल, लगभग 2.5 सेमी के हाशिये
- इंडेंट वाले अनुच्छेद, असमान दायाँ किनारा
- पूर्ण विराम (।) सही, उससे पहले स्पेस नहीं
- उपनाम, शीर्षक और पृष्ठ संख्या वाला हेडर
- दृश्य-विभाजक बीच में # से चिह्नित
- प्रकाशक के अपने दिशानिर्देश पढ़े और माने गए
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिन्दी पांडुलिपि के लिए कौन-सा फ़ॉन्ट लें?
कोई भी साफ़ यूनिकोड देवनागरी फ़ॉन्ट, जैसे Mangal, Kokila या Nirmala UI। ज़रूरी बात यूनिकोड है, फ़ॉन्ट का नाम नहीं: तभी आपका पाठ प्रकाशक के कंप्यूटर पर वैसा ही खुलेगा। अगर प्रकाशक कोई ख़ास फ़ॉन्ट बताता है, तो वही लें।
उपन्यास में कितने शब्द होते हैं?
अंग्रेज़ी में वयस्कों के ज़्यादातर उपन्यास 70,000 से 1,00,000 शब्दों के बीच होते हैं, और विधा से बड़ा फ़र्क़ पड़ता है। हिन्दी के लिए कोई तय पैमाना नहीं है; अपनी विधा और अपने लक्षित प्रकाशक की किताबों से तुलना करें।
क्या यह फ़ॉर्मेट सेल्फ़-पब्लिश्ड किताबों पर भी लागू होता है?
नहीं। पांडुलिपि का फ़ॉर्मेट सबमिशन के लिए है। सेल्फ़-पब्लिश्ड किताब प्रिंट या ई-बुक के लिए अपने ट्रिम साइज़, फ़ॉन्ट और लेआउट के साथ टाइपसेट होती है।
अध्याय 2: नाट्य-संरचना और पात्र
कहानी को क्या थामे रखता है: तनाव, मोड़ और ऐसे पात्र जिनकी इच्छाएँ कथानक को आगे बढ़ाती हैं।
3 लेख
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- पात्र प्रोफ़ाइल: गहराई वाले पात्र कैसे गढ़ेंकाम की पात्र प्रोफ़ाइल आँखों के रंग और पसंदीदा खाने की सूची नहीं है। वह एक औज़ार है जो कहानी पैदा करता है। उसमें क्या होना चाहिए, इच्छा, घाव और ज़रूरत आपस में कैसे जुड़ते हैं, और लिखते समय प्रोफ़ाइल का उपयोग कैसे करें।6 मिनट का पाठ
- प्लॉट क्या है? कहानी का नक़्शाप्लॉट केवल यह नहीं कि क्या होता है। वह घटनाओं को कारण और परिणाम से जोड़ता है, संघर्ष से उन्हें गति देता है और उन्हें चढ़ते हुए चाप का आकार देता है। प्लॉट किन चीज़ों से बनता है, और कैसे परखें कि आपका प्लॉट टिकता है।6 मिनट का पाठ
अध्याय 3: साहित्यिक संसार
थ्रिलर से बाल-पुस्तक तक हर विधा के नियम — और कब उन्हें जान-बूझकर तोड़ना सार्थक है।
3 लेख



- मिस्ट्री और थ्रिलर में अंतर: जासूसी कथा और रोमांचक कथा कैसे अलग हैं?दोनों अक्सर एक ही शेल्फ़ पर रहते हैं, लेकिन मिस्ट्री और थ्रिलर तनाव अलग ढंग से पैदा करते हैं: एक पहेली से, दूसरा ख़तरे से। संरचना, दृष्टिकोण और गति में दोनों विधाएँ कैसे अलग हैं, और कौन-सी उपविधाएँ किसकी हैं।6 मिनट का पाठ
- किताबों की विधाएँ: लेखकों के लिए एक मार्गदर्शिकारोमांस से विज्ञान कथा तक, जासूसी से पौराणिक कथा-साहित्य तक: कथा-साहित्य की मुख्य विधाएँ और उपविधाएँ, विधा और आयु-वर्ग का अंतर, और प्रकाशकों, दुकानों और ऑनलाइन स्टोर के लिए सही वर्गीकरण इतना अहम क्यों है।6 मिनट का पाठ
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अध्याय 4: पुस्तक-सौंदर्य और टाइपसेटिंग
पाठ-क्षेत्र, टाइपफ़ेस और आवरण: वह सब जो पहली पंक्ति पढ़ने से पहले ही किताब को हाथ में मूल्यवान बनाता है।
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अध्याय 6: पहचान और पहुँच
पाठक आपकी किताब तक कैसे पहुँचते हैं: लेखक वेबसाइट, शृंखलाएँ, समीक्षाएँ और किताब की असली कमाई।
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